Kuber Chalisa – Sampark Gujarati

॥ दोहा ॥

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

॥ चौपाई ॥

जय यक्षेश्वर जय धनधारी।

जय कुबेर भंडारी सुखकारी॥1॥

शिवप्रिय मित्र भक्त हितकारी।

संपत्ति दाता मंगलकारी॥2॥

अलकापुरी अधिपति स्वामी।

विश्व विख्यात नाम तुम्हारा॥3॥

स्वर्ण सिंहासन शोभित भारी।

रत्न मुकुट छवि अति प्यारी॥4॥

हाथ गदा धन पात्र विराजे।

देखत दरिद्रता सब भागे॥5॥

धन वैभव के तुम अधिकारी।

कृपा करो हे मंगलकारी॥6॥

यक्ष किन्नर सेवक तुम्हारे।

गंधर्व गावत गुण न्यारे॥7॥

शिव कैलाश सदा तुम जावो।

भक्तन के दुख दूर भगावो॥8॥

निर्धन को धनवान बनावो।

रंकन को राजा कहलावो॥9॥

व्यापार बढ़े कृपा जब होई।

सुख संपत्ति पावे नर कोई॥10॥

जो जन ध्यान तुम्हारा धरता।

संकट तासु दूर सब करता॥11॥

कुबेर मंत्र जो नित गावे।

मनवांछित फल सहज ही पावे॥12॥

धन धान्य से घर भर जावे।

कष्ट दरिद्रता पास न आवे॥13॥

सिद्धि बुद्धि के तुम हो दाता।

भक्तन के भाग्य विधाता॥14॥

दीन दुखी जो शरण में आवे।

सकल मनोरथ पूर्ण हो जावे॥15॥

पूजन करे जो नियम हमारा।

उस पर रहे आशीष तुम्हारा॥16॥

सोना चाँदी रत्न अपारा।

मिले कृपा से सुख संसारा॥17॥

कुबेर देव कृपा बरसावो।

भक्तन का जीवन सुखमय बनावो॥18॥

जो यह चालीसा नित गावे।

कभी न दरिद्रता सतावे॥19॥

भक्ति भाव से पाठ जो करता।

जीवन सफल वही नर करता॥20॥

॥ दोहा ॥

कुबेर चालीसा जो पढ़े, श्रद्धा सहित मन लाई।

धन संपत्ति घर में बढ़े, कृपा करें धनराय॥

🙏 जय श्री कुबेर देव 🙏

Subscribe Now  For More articles.

Related posts

Ganesh Visarjan Katha: The Sacred Story and Spiritual Meaning of Bappa’s Farewell

Ramdev Pir Navratri Special Day 9: Why Ramapir’s Legacy Still Lives On — A Journey of Faith, Humanity & Culture

Ramdev Pir Navratri Day 8: Puja, Prayer & Worship Traditions