Kartikey Chalisa – Sampark Gujarati

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।

कार्तिकेय प्रभु की कृपा, करहु सदा कल्याण॥

॥ चौपाई ॥

जय स्कंद गिरीजासुत स्वामी।

जयति कुमार कार्तिक नामी॥

शक्ति धारण सुंदर गाता।

मोरवाहन सुखकर दाता॥

शिव शंकर के तुम प्रिय लाला।

गौरी के तुम नयन निवाला॥

छः मुख शोभित रूप निराला।

हाथ शक्ति अस्त्र कराला॥

देव सेनापति बलवाना।

दैत्य दलन महा बलशाली॥

तारकासुर संहार किया।

देवों का उद्धार किया॥

गंगा पुत्र शरवण भवानी।

नाम अनेक जगत पहचानी॥

वेल धारण कर रणधीर।

भक्तन के तुम सदा अधीर॥

कृपा करो हे देव कुमार।

राखो लाज भक्तन की बार॥

ज्ञान बुद्धि के तुम हो दाता।

दुख हरता सुख के विधाता॥

जो जन नाम तुम्हारा लेता।

संकट सब दूर हो जाता॥

पूजन जो नर नियम से करता।

जीवन सफल वही नर करता॥

शक्ति, भक्ति, ज्ञान के सागर।

जय जय कार्तिकेय कृपाकर॥

॥ दोहा ॥

कार्तिकेय चालीसा जो पढ़े, श्रद्धा सहित मन लाई।

सकल मनोरथ पूर्ण हो, कृपा करहु सहाई॥

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